Reddit की सबसे खौफनाक कहानी - रात 2 बजे का श्रापित थ्रेड जिसने बदल दी लोगों की किस्मत
Reddit की सबसे खौफनाक कहानी - रात 2 बजे का श्रापित थ्रेड जिसने बदल दी लोगों की किस्मत
क्या आपने कभी Reddit पर ऐसी हॉरर स्टोरी पढ़ी है जो आपके रोंगटे खड़े कर दे?
यह है Reddit की सबसे खौफनाक कहानी, एक श्रापित थ्रेड की सच्चाई जो रात 2 बजे अचानक एक्टिव हो जाता है।
लोग कहते हैं जिसने इसे खोला, उसकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
क्या ये सिर्फ एक Reddit horror story in Hindi है या इसके पीछे कोई real paranormal घटना छिपी है?
सावधान रहिए... क्योंकि यह कहानी आपको सोचने पर मजबूर कर देगी —
क्या हर डरावनी कहानी सिर्फ कहानी होती है? 👁️
कहानी की शुरुआत -
आधी रात का अजीब नोटिफिकेशन
अमन की आंखें अचानक खुल गईं। मोबाइल की स्क्रीन अंधेरे कमरे में चमक रही थी। रात के ठीक दो बजकर सात मिनट हो रहे थे। उसने सोचा शायद कोई जरूरी मैसेज आया होगा, लेकिन जब उसने फोन उठाया तो एक अजीब सा नोटिफिकेशन दिखा।
रेडिट का नोटिफिकेशन था - "आपको एक नए थ्रेड में आमंत्रित किया गया है।"
अमन रोज रेडिट चलाता था। तकनीक से जुड़ी चीजें पढ़ना उसे पसंद था। लेकिन ऐसा कोई नोटिफिकेशन उसने पहले कभी नहीं देखा था। न तो उसने किसी नए ग्रुप को जॉइन किया था और न ही किसी ने उसे टैग किया था।
उत्सुकता में उसने नोटिफिकेशन पर क्लिक किया।
वो थ्रेड जो दिन में दिखता ही नहीं
स्क्रीन पर एक थ्रेड खुला - "आर स्लैश मिडनाइट कन्फेशंस"
थ्रेड का हेडर काला था और उस पर लाल रंग से लिखा था - "यहां जो लिखोगे, वो सच हो जाएगा।"
अमन ने सोचा कोई मजाक होगा। उसने थ्रेड को स्क्रॉल किया। कुल पंद्रह-बीस पोस्ट थीं। सभी अलग-अलग यूजरनेम से थीं।
पहली पोस्ट एक यूजर "लोस्टसोल123" की थी:
"मैंने अपनी बॉस को चिल्लाते हुए देखा। उसने मुझे बिना वजह डांटा। मैं चाहता हूं कि कल वो दफ्तर में सबके सामने गिर जाए।"
पोस्ट तीन दिन पुरानी थी।
अमन ने आगे स्क्रॉल किया। दूसरी पोस्ट "नाइटवॉकर88" की थी:
"मेरी पड़ोसन रोज रात को तेज आवाज में गाना बजाती है। मैं सो नहीं पाता। काश उसका म्यूजिक सिस्टम खराब हो जाए।"
तीसरी पोस्ट ज्यादा डरावनी थी। यूजर "शैडोहंटर" ने लिखा था:
"मेरा भाई मेरे पैसे चुराता है। मैं चाहता हूं कि उसका एक्सीडेंट हो जाए। कुछ ऐसा जिससे उसे याद रहे।"
अमन को अजीब लगा। ये सब क्या था? लोग ऐसी बातें क्यों लिख रहे थे?
उसने थ्रेड को बंद करने की सोची, लेकिन तभी उसकी नजर सबसे नीचे वाली पोस्ट पर गई।
यूजरनेम था - "अमन2709"
उसका अपना यूजरनेम!
लेकिन उसने तो कुछ लिखा ही नहीं था।
पोस्ट में लिखा था: "मैं इस थ्रेड को समझना चाहता हूं।"
उसकी रीढ़ में सिहरन दौड़ गई। ये पोस्ट किसने की? और उसके नाम से कैसे?
जब सपना हकीकत बनने लगा
सुबह अमन ऑफिस पहुंचा तो सब लोग भीड़ लगाए खड़े थे। उसने पूछा तो पता चला कि उनकी बॉस मीना मैडम सीढ़ियों से गिर गईं। सबके सामने। उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था।
अमन को वो रात वाली पहली पोस्ट याद आ गई। "लोस्टसोल123" ने लिखा था कि बॉस गिर जाए।
संयोग होगा, उसने अपने मन को समझाया।
लेकिन जब शाम को उसने अपनी बिल्डिंग में पड़ोसन रीना को देखा तो उसका दिल सहम गया। रीना परेशान दिख रही थी। उसका म्यूजिक सिस्टम अचानक खराब हो गया था। बिल्कुल जल गया था, जैसे शॉर्ट सर्किट हुआ हो।
अमन के हाथ-पैर ठंडे पड़ गए। ये वही थ्रेड की दूसरी पोस्ट थी।
उसने तुरंत फोन निकाला और रेडिट खोला। उस थ्रेड को ढूंढने लगा लेकिन वो कहीं नहीं मिला। उसने सर्च किया, अपनी हिस्ट्री चेक की, लेकिन "मिडनाइट कन्फेशंस" का कोई नामोनिशान नहीं था।
क्या उसने सपना देखा था?
तीसरी घटना - खून का निशान
रात को ठीक दो बजे फिर वही नोटिफिकेशन आया।
अमन का दिल जोर-जोर से धड़कने लगा। उसने नोटिफिकेशन खोला। वही थ्रेड था। वही काली स्क्रीन, वही लाल अक्षर।
इस बार एक नई पोस्ट थी।
"शैडोहंटर" ने दो घंटे पहले अपडेट किया था:
"ये काम हो गया। मेरे भाई का एक्सीडेंट हुआ। बाइक पलट गई। अब उसे पता चल गया होगा। लेकिन अब मुझे डर लग रहा है। मैं इस थ्रेड से बाहर कैसे निकलूं?"
नीचे जवाब में किसी ने लिखा था:
"तुम बाहर नहीं निकल सकते। जो यहां लिखता है, वो इस थ्रेड का हिस्सा बन जाता है।"
अमन की सांसें तेज हो गईं। उसने तुरंत स्क्रॉल करके अपनी पोस्ट देखी।
"अमन2709" की पोस्ट अब बदल चुकी थी।
अब उसमें लिखा था: "मैं जानना चाहता हूं कि मेरे साथ क्या होने वाला है।"
उसने ये कभी नहीं लिखा था। फिर भी उसका नाम था, उसका अकाउंट था।
घबराहट में उसने कमेंट बॉक्स में टाइप किया:
"मैं इस थ्रेड से बाहर निकलना चाहता हूं। मुझे यहां से जाने दो।"
जैसे ही उसने पोस्ट का बटन दबाया, उसकी स्क्रीन काली हो गई। फिर धीरे-धीरे लाल अक्षरों में एक मैसेज उभरा:
"तुमने अपनी इच्छा जाहिर कर दी। अब देखो क्या होता है।"
रहस्यमयी यूजर का संदेश
अगले दिन अमन ने ऑफिस नहीं जाने का फैसला किया। वो घर पर रहा, डरा हुआ। उसने रेडिट अनइंस्टॉल कर दिया, लेकिन रात दो बजे फिर वही नोटिफिकेशन आया। ऐप के बिना भी।
उसने फोन को दूर फेंक दिया लेकिन नोटिफिकेशन की आवाज बंद नहीं हुई।
हार मानकर उसने फोन उठाया। इस बार थ्रेड में एक नया मैसेज था। किसी यूजर "थीकीपर" ने उसे डायरेक्ट मैसेज किया था:
"अमन, तुम बच सकते हो। लेकिन तुम्हें सच जानना होगा। ये थ्रेड असल में एक पुराना श्राप है। सन दो हजार सात में एक प्रोग्रामर ने इसे बनाया था। उसका नाम आर्यन मल्होत्रा था। उसकी जिंदगी में सबने उसे धोखा दिया था। उसने एक ऐसा कोड लिखा जो लोगों की अंधेरी इच्छाओं को सच करता है। लेकिन हर इच्छा की कीमत चुकानी पड़ती है।"
अमन ने कांपते हाथों से जवाब टाइप किया:
"कैसी कीमत?"
जवाब तुरंत आया:
"जो यहां लिखते हैं, उनकी सबसे बड़ी इच्छा पूरी होती है। लेकिन बदले में उन्हें अपनी सबसे कीमती चीज गंवानी पड़ती है। किसी ने अपना परिवार खोया, किसी ने अपनी याददाश्त, किसी ने अपनी जान।"
"लेकिन मैंने तो कुछ नहीं लिखा!" अमन ने लिखा।
"तुमने थ्रेड खोला। तुमने उसे पढ़ा। तुम उत्सुक थे। बस इतना ही काफी था। अब थ्रेड ने तुम्हें चुन लिया है।"
छिपा हुआ सच - प्रोग्रामर का श्राप
अगली सुबह अमन ने आर्यन मल्होत्रा के बारे में रिसर्च की। पुरानी न्यूज साइट्स, ब्लॉग्स, फोरम्स - सब जगह खोजा।
उसे एक पुराना आर्टिकल मिला। साल दो हजार आठ का। दिल्ली के एक अखबार में छपा था।
"सॉफ्टवेयर इंजीनियर की रहस्यमयी मौत"
खबर में लिखा था कि आर्यन मल्होत्रा नाम का एक इंजीनियर अपने घर में मृत पाया गया था। उसके कंप्यूटर की स्क्रीन पर एक अजीब कोड चल रहा था। पुलिस को उसके कमरे में खून से लिखा एक वाक्य मिला था:
"जो इसे पढ़ेगा, वो इसका हिस्सा बन जाएगा।"
अमन के रोंगटे खड़े हो गए।
उसने और खोजा तो पता चला कि आर्यन की मौत के बाद कई लोगों ने एक अजीब ऑनलाइन थ्रेड के बारे में शिकायत की थी। लोग बताते थे कि रात दो से तीन बजे के बीच उन्हें एक अजीब फोरम का नोटिफिकेशन आता था। जो वहां लिखते थे, उनके साथ अजीब घटनाएं होती थीं।
लेकिन कुछ महीनों बाद सारी खबरें गायब हो गईं। जैसे किसी ने इंटरनेट से हर सबूत मिटा दिया हो।
अमन ने समझ लिया। ये कोई साधारण थ्रेड नहीं था। ये एक श्राप था, जो हर कुछ सालों में नई शक्ल में लौटता था। पहले फोरम पर, फिर फेसबुक पर, अब रेडिट पर।
जब अमन की इच्छा पूरी होने लगी
रात दो बजे अमन जागा हुआ था। वो नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहा था। उसे जवाब चाहिए था।
ठीक दो बजकर तेरह मिनट पर नोटिफिकेशन आया।
इस बार थ्रेड में "अमन2709" की पोस्ट पूरी तरह बदल चुकी थी:
"मैं चाहता हूं कि मेरे पास बहुत पैसा हो। मैं अमीर बनना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि सब मुझे पहचानें।"
उसने ये कभी नहीं लिखा। लेकिन अंदर ही अंदर ये उसकी सच्ची इच्छा थी। कितनी बार उसने सोचा था कि काश उसके पास ढेर सारे पैसे होते। काश वो मशहूर होता।
थ्रेड ने उसके मन को पढ़ लिया था।
अगले दिन उसके बैंक अकाउंट में अचानक बीस लाख रुपये आ गए। किसी अनजान खाते से। उसने बैंक को फोन किया लेकिन उन्होंने कहा कि ट्रांजैक्शन बिल्कुल सही है।
फिर उसे एक कंपनी से ईमेल आया। उन्होंने उसे एक बड़ी नौकरी का ऑफर दिया। पचास लाख सालाना पैकेज।
अमन खुश होना चाहता था लेकिन डर उसे खा रहा था। उसे पता था कि इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
कीमत - जो सबसे कीमती था वो छिन गया
एक हफ्ते बाद अमन की मां को अचानक दिल का दौरा पड़ा।
अस्पताल में डॉक्टरों ने कहा कि वो कोमा में चली गई हैं। उनके बचने की संभावना बहुत कम है।
अमन टूट गया। उसकी सबसे कीमती चीज उसकी मां थी। अब वो उससे छिन रही थी।
उसने समझ लिया। थ्रेड ने अपनी कीमत मांग ली थी।
रात दो बजे उसने फिर थ्रेड खोला। इस बार उसने "थीकीपर" को मैसेज किया:
"मुझे बचाओ। मैं अपनी मां को नहीं खोना चाहता। सब पैसे वापस ले लो। सब कुछ छीन लो। बस मेरी मां को ठीक कर दो।"
जवाब आया:
"अब तुम समझे। लेकिन देर हो चुकी है। थ्रेड का श्राप रोका नहीं जा सकता। सिर्फ एक तरीका है।"
"क्या?" अमन ने पूछा।
"तुम्हें वो करना होगा जो आर्यन नहीं कर पाया। तुम्हें थ्रेड को खत्म करना होगा। कोड को नष्ट करना होगा। लेकिन इसके लिए तुम्हें उस जगह जाना होगा जहां आर्यन ने इसे बनाया था।"
आखिरी लड़ाई - कोड का अंत
अमन को पता चला कि आर्यन मल्होत्रा का पुराना अपार्टमेंट अब खाली पड़ा है। दिल्ली के एक पुराने इलाके में। लोग कहते थे वो जगह भूतिया है।
अमन ने रात को वहां जाने का फैसला किया। ठीक दो बजे।
जब वो उस इमारत में घुसा तो हवा बिल्कुल ठंडी थी। सीढ़ियां टूटी हुई थीं। दीवारों पर अजीब निशान बने थे।
तीसरी मंजिल पर आर्यन का पुराना फ्लैट था। दरवाजा खुला हुआ था।
अंदर एक पुराना कंप्यूटर रखा था। बिजली नहीं थी लेकिन कंप्यूटर की स्क्रीन चमक रही थी।
स्क्रीन पर वही थ्रेड खुला था। "मिडनाइट कन्फेशंस"
अमन ने कीबोर्ड को छुआ। स्क्रीन पर टेक्स्ट आया:
"तो तुम आ गए, अमन। तुम्हें लगता है तुम मुझे खत्म कर सकते हो?"
ये आर्यन था। या उसकी आत्मा। या शायद कोड ही अब जिंदा हो गया था।
अमन ने टाइप किया:
"मुझे सिर्फ अपनी मां चाहिए। तुम्हारे पैसे नहीं चाहिए, तुम्हारी शोहरत नहीं चाहिए।"
जवाब आया:
"सब यही कहते हैं। लेकिन सबके अंदर लालच छिपी होती है। मैंने सिर्फ वो बाहर निकाला।"
"तुम गलत हो," अमन ने लिखा। "इंसान गलतियां करते हैं। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि उन्हें सजा दी जाए।"
स्क्रीन कुछ पलों के लिए ब्लैंक हो गई। फिर एक नया मैसेज आया:
"अगर तुम सच में अपनी मां को बचाना चाहते हो, तो तुम्हें खुद को ब्लॉक करना होगा। इस थ्रेड से अपना नाम हमेशा के लिए मिटाना होगा। लेकिन ऐसा करने पर तुम्हारी सारी यादें खत्म हो जाएंगी। तुम भूल जाओगे कि तुम कौन हो।"
अमन रुक गया। अपनी पहचान खोना? अपनी सारी यादें भूल जाना?
लेकिन फिर उसे अपनी मां की मुस्कान याद आई। उसकी आवाज याद आई।
उसने बिना सोचे टाइप किया:
"मैं तैयार हूं।"
स्क्रीन पर एक पॉपअप आया। एक बटन था - "डिलीट योरसेल्फ"
अमन ने आंखें बंद कीं और बटन दबा दिया।
अंत - या कहानी की नई शुरुआत?
तीन महीने बाद।
एक लड़का अस्पताल में बैठा था। उसका नाम अमन था। कम से कम उसके आईडी कार्ड पर तो यही लिखा था। लेकिन उसे कुछ याद नहीं था। न अपना नाम, न अपना घर, न अपना अतीत।
डॉक्टरों ने कहा था कि उसकी मेमोरी लॉस हो गई है। शायद किसी दुर्घटना की वजह से।
लेकिन उसकी मां बिल्कुल ठीक थी। चमत्कारिक तरीके से ठीक हो गई थी।
अमन उसे देखता था और कुछ अजीब सा महसूस करता था। जैसे उसने बहुत बड़ी कीमत चुकाई हो किसी चीज के लिए।
उसकी मां रोज उसे पुरानी तस्वीरें दिखाती। कहानियां सुनाती। धीरे-धीरे अमन को चीजें समझ आने लगीं।
एक रात जब वो अपने फोन में तस्वीरें देख रहा था, तो उसे एक अजीब ऐप दिखा। रेडिट।
उसने उसे खोला। कुछ भी खास नहीं था। आम थ्रेड्स, आम पोस्ट्स।
लेकिन तभी रात के ठीक दो बजे एक नोटिफिकेशन आया।
"आपको एक नए थ्रेड में आमंत्रित किया गया है।"
अमन का हाथ रुक गया। कुछ अंदर से उसे रोक रहा था। कोई आवाज जो कह रही थी - "मत खोलो।"
उसने फोन बंद कर दिया और सो गया।
अगली सुबह जब उसने फोन चेक किया तो वो नोटिफिकेशन गायब था।
शायद थ्रेड ने उसे जाने दिया था। या शायद ये सिर्फ शुरुआत थी।
कौन जानता है?
लेकिन एक बात पक्की थी - रात दो बजे का वो थ्रेड अभी भी कहीं मौजूद था। किसी और फोन पर, किसी और के लिए, किसी और की इच्छा पूरी करने के लिए।
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तो दोस्तों क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है? क्या आपने भी इतना डरावना अनुभव किया है?
क्या आपको भी कभी ऐसा नोटिफिकेशन मिला है?
ये कहानी एक सवाल छोड़ जाती है - अगर आपको रात दो बजे कोई अजीब नोटिफिकेशन मिले, तो क्या आप उसे खोलेंगे? क्या आप अपनी इच्छा के लिए कुछ भी कीमत चुकाने को तैयार हैं?
सोशल मीडिया पर हर रोज लाखों थ्रेड्स, पोस्ट्स और मैसेज आते हैं। लेकिन कुछ चीजें होती हैं जो सिर्फ कुछ खास लोगों को ही दिखती हैं। कुछ श्राप होते हैं जो आधुनिक तकनीक की शक्ल में छिपे होते हैं।
अगर आपको भी कभी ऐसा कुछ अनुभव हुआ है, तो कमेंट में जरूर बताएं। और अगर रात दो बजे आपके फोन पर कोई अजीब मैसेज आए, तो दो बार सोचिए उसे खोलने से पहले।
क्योंकि कुछ दरवाजे एक बार खुल जाएं, तो फिर बंद नहीं होते।
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❓हॉरर स्टोरीज़ से जुड़े सवाल-जवाब
1. क्या हॉरर कहानियाँ सच होती हैं या सिर्फ कल्पना?
कुछ कहानियाँ सच्ची घटनाओं से inspired होती हैं, बाकी बस imagination होती है — पर डर असली लगता है।
2. कौन-सी हॉरर स्टोरी सबसे ज़्यादा डरावनी मानी जाती है?
लोग “2 बजे वाली कहानी”, “Reddit horror threads” और “haunted village stories” को सबसे डरावनी बताते हैं।
3. क्या रात में हॉरर स्टोरी पढ़ने से सच में असर होता है?
बहुतों को फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि उन्हें बाद में अजीब आवाज़ें सुनाई देती हैं...
4. क्या सच में कोई जगह या चीज़ श्रापित हो सकती है?
कई जगहों पर paranormal activity रिपोर्ट हुई है — कुछ मानते हैं, कुछ नहीं।
5. सबसे डरावनी हॉरर स्टोरी कहां पढ़ी जा सकती है?
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